Monday, December 20, 2010

MICKEY AND MINNIE









इठलाता हुआ तुम्हारा ये शोख बदन
कर देता है मेरे सीने में चुभन
पूछ में तेरी है एक घना मज़ा
जिसमे है ज़रूर कुछ राज़ सजा
यूँ जो तुम शरमाके छुप जाती हो
बार बार किसी बिल में घुस जाती हो
बजते गिटर के तार फडफडा जाते हैं
जब तुम्हारी पूछ के बाल लहराते हैं
मैं क्या करूँ तेरे मुस्कुराने के लिए ...
क्या एक cheese काफी है तुझे पटाने के लिए

Saturday, November 20, 2010

दोस्त और दारु














जीना न जीना एक लगता है
आग और दरिया एक लगता है

क्यों अब है ज़िन्दगी का हाल ये
दोस्ती का लगता है कमाल ये

सफ़र का हर मोड़ एक लगता है
ख़ुशी या गम सब एक लगता है











समझना चाहता हूँ अंदाज़ ये
क्या असर है सब पर हम साज़ ये

कौन कहता एक-दो पेग का ज़माना है
हमने तो खम्भो को सजाया है

काश होश में बिताते पल अब सरे
साला दारू न होती तो बताते प्यारे

Friday, November 19, 2010

याद: रात, चाय और पत्ते


क्यों बे क्या हाल हैं , कैसा है बे
ये सवाल खुल के होते थे कभी
कुत्तो कमीनो ऐसा क्या हो गया है
जो सब हो गए हैं दूर यहाँ वहा

चौराहे पर केतली से चाय पीते थे
चाय पर cheers कर peg बनाते थे
कोशिश करते थे bottoms मारने की
पर synchronized चुस्की ही मारते थे

गालियाँ सुनाते हर ढाबा छानते थे
इसकी - उसकी सबकी टाँगे खींचते थे
पत्ते फेटते पीस उतारते राते बीत जाती
पर आखिरी दाँव पर बेगम ही याद आती

'Tragedy' या 'किस्मत'

चलती है बन्दुक, ऊँगली के इशारे पर
झुकता है चाँद, रश्मि-रथी के इशारे पर !
साला ये life की, tragedy है या किस्मत
आज तक कुछ नहीं किया, किसी के इशारे पर !!

Thursday, October 14, 2010

घुटन



हस्ती हो कुछ भी ,.. पर रहती है तिशनगी
कहते हैं सब सियाह हो गयी है ज़िन्दगी

यारों चाहत अँधेरे की , मज़बूत है अब
क्या हुआ ऐसा जो हरपल , याद आती है शब

हम क्या पुरे ज़माने का यही हाल है ..
ऐसा क्या है जो पूरा हमाम बदनाम है

चाहते थे हम ,... खुल के सुनना सुनाना
पर बस्ती में तो , मुश्किल है गीत गुनगुनाना

सिलसिला क्या चला है ऐसा, की फर्क पड़ता नहीं
जंग लगी जंजीरों को भी , तोडना चाहता नहीं

सोचते थे की कारवा हमेशा पाता है मंजिल
पर क्या करें .. घुट घुट कर टूट गया है दिल

हुआ कुछ ऐसा की ,. न है कोई गुजारिश अधूरी
आरजू है की बे -अदा ही बीत जाए महफ़िल ये पूरी

Monday, June 28, 2010

Ghummakado Jigyasa

grishm avkash ki tapti dupahri mein matwale gaj sa vicharan karne ke pahle kya hota hai ...
bhavan ki char diwari ke beech ek adbhut anadi anant unmad umadta hai,
akarmanyata ke pash mein bandhe sthool sharir par vicharan ko tadpate mann mastishk havi ho jate hain aur fir uske baad...
uske baad kya hota hai?
anant rajkano se saje anant path par fir ek anant jivan ke anurag aur virag me tript ho jane ko nikal padta hai........

Sunday, May 9, 2010

Tagore - 150th Birth Anniversary


I slept and dreamt that life was joy. I awoke and saw that life was service. I acted and behold, service was joy.

Nirvana is not the blowing out of the candle. It is the extinguishing of the flame because day is come.

You can't cross the sea merely by standing and staring at the water.

Rabindranath Tagore

Friday, May 7, 2010

IT GOES ON...


It goes on...

The wheels have no brakes of their own,
Someone somewhere applies them.

Its all on the damn thing to perform,
Hell gets loose when they don't work.

With nothing to halt for, nothing to carve,
It seems so boring yet so tiresome.

Day in day out caravan moves on,
And all again it comes back to start.

Live life such that its dreamed of,
Because, life never ends...It goes on!

Thursday, February 25, 2010

ऐ दोस्त!

ऐ दोस्त हर सफ़र कट जाता..
तू अगर दो घडी रुक जाता....
मिल नहीं पाई साहिल से कश्ती..
क्यों छोड़ गया तू ये बस्ती....
कारवां हमारा चल पड़ा था..
मेरा सब हमारा हो गया था....
फिर बीच में क्या हुआ हमसफ़र..
तू हो गया मुझसे सबसे बेखबर....

बस साथ है उस पहले कदम का..
जो साथ चले थे हम डगर का....
मैंने यादों का एक पुल बना डाला है..
जो मुझको तुझसे मिलाने वाला है.....

Monday, February 22, 2010

अनंत



अनंत रास्तो में..
अनंत ख्वाहिशें हैं..;
अनंत हैं सितारे..
अनंत पल वो सारे..;
अनंत में समाये....
इस..
अनंत को सताएं