
इठलाता हुआ तुम्हारा ये शोख बदन
कर देता है मेरे सीने में चुभन
पूछ में तेरी है एक घना मज़ा
जिसमे है ज़रूर कुछ राज़ सजा
यूँ जो तुम शरमाके छुप जाती हो
बार बार किसी बिल में घुस जाती हो
बजते गिटर के तार फडफडा जाते हैं
जब तुम्हारी पूछ के बाल लहराते हैं
मैं क्या करूँ तेरे मुस्कुराने के लिए ...
क्या एक cheese काफी है तुझे पटाने के लिए